Saturday, March 19, 2022
प्रमुख राजवंश और उनके संस्थापक
🔳हर्यक वंश - बिम्बिसार
🔳नन्द वंश - महापदम नन्द
🔳मौर्य साम्राज्य - चन्द्रगुप्त मौर्य
🔳गुप्त वंश - श्रीगुप्त
🔳पाल वंश - गोपाल
🔳पल्लव वंश - सिंहविष्णु
🔳राष्ट्रकूट वंश - दन्तिदुर्ग
🔳चालुक्य-वातापी वंश - पुलकेशिन प्रथम
🔳चालुक्य-कल्याणी वंश - तैलप-द्वितीय
🔳चोलवंश - विजयालय
🔳सेनवंश - सामन्तसेन
🔳गुर्जर प्रतिहार वंश - हरिश्चंद्र/नागभट्ट
🔳चौहान वंश - वासुदेव
🔳चंदेल वंश - नन्नुक
🔳गुलाम वंश - कुतुबुद्दीन ऐबक
🔳ख़िलजी वंश - जलालुद्दीन फिरोज ख़िलजी
🔳तुगलक वंश - गयासुद्दीन तुगलक
महत्वपूर्ण इतिहास के प्रश्न
माउंट आबू में कौन सा मंदिर जैन धर्म का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है?
➨ दिलवाड़ा मंदिर
◾️ बिम्बिसार और अजातशत्रु किस वंश के हैं?
➨ हर्यंक वंश
◾️ नंद वंश की स्थापना किसने की?
➨ 382 ईसा पूर्व में महापद्म नंदा
◾️ सिकंदर ने 326 ईसा पूर्व में पोरस को किस युद्ध में हराया था?
➨ हाइडेस्पास
◾️ मौर्य साम्राज्य का संस्थापक कौन था?
➨ चंद्रगुप्त मौर्य
◾️ अर्थशास्त्र ’पुस्तक किसने लिखी?
➨ कौटिल्य
◾️ चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में कौन सा यूनानी यात्री आया और उसने 'इंडिका' पुस्तक लिखी?
➨ मेगस्थनीज
◾️ अशोक ने कलिंग युद्ध किस वर्ष लड़ा था?
➨ 261 ई.पू.
◾️ मौर्य साम्राज्य का अंतिम राजा कौन था?
➨ बृहद्रथ
◾️ 78 ई में शक युग की स्थापना किसने की?
➨ कुषाण राजा कनिष्क
◾️ 4 वां बौद्ध परिषद किस स्थान पर आयोजित किया गया था?
➨ कश्मीर
◾️ गुप्त साम्राज्य की स्थापना किसने की?
➨ चंद्रगुप्त प्रथम ने 320 ई में
◾️ किसे 'भारत का नेपोलियन' कहा जाता था?
➨ समुंद्र गुप्त
◾️ चंद्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल के दौरान कौन सा चीनी तीर्थयात्री आया था?
➨ फा-हेन
◾️ आर्यभट्ट और कालिदास किसके दरबार में प्रतिष्ठित व्यक्ति थे?
➨ चंद्रगुप्त द्वितीय
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लूसेंट मध्य से सम्बन्धित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
Q. 1 मुहम्मद गोरी ने पहली बार भारत आक्रमण कब किया?
[Ans.] 1175
Q. 2 किसके काल को मुगल चित्रकला का स्वर्णकाल कहा जाता है?
[Ans.] जहाँगीर
Q. 3 किसका काल मुगल वास्तुकला का स्वर्णकाल कहा जाता है?
[Ans.] शाहजहाँ
Q. 4 मुहम्मद बिन कासिम ने भारत पर आक्रमण कब किया?
[Ans.] 712 ई.
Q. 5 अब्दुल कादिर बदायूँनी, नकीब खान और थानेश्वर किसके दरबार में थे?
[Ans.] अकबर
Q. 6 अमोघवर्ष किस वंश से संबंधित था?
[Ans.] राष्ट्रकूट
Q, 7 नटराज की कांस्य मूर्ति किस वंश से संबंधित है?
[Ans.] चोल
Q. 8 किस सल्तनत कालीन राजा ने अपने अमीरों के बीच उसकी इजाजत के बिना दावतों, त्यौहार मनाने पर रोक लगा दी थी?
[Ans.] अलाउद्दीन खिलजी
Q.9 बाबर ने भारत का सबसे शक्तिशाली राजा किसे बताया है?
[Ans.] कृष्णदेव राय
Q. 10 अकबरनामा किस भाषा में है?
[Ans.] फारसी
नदियों की जानकारी~भूगोल
▪️. भागीरथी नाम से गंगा को कहां बुलाया जाता है ?
►-गंगोत्री के पास ( यह हिमानी गंगा का उद्गम स्थल है )
▪️. गंगोत्री कहां स्थित है और इसकी ऊंचाई कितनी है ?
►-उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में 3900 किमी की ऊंचाई पर गोमुख के निकट गंगोत्री हिमानी गंगा का उद्गम स्त्रोत है ।
▪️. अलकनंदा का उद्गम स्त्रोत क्या है ?
►-बद्रीनाथ के ऊपर सतोपंथ हिमानी (अलकापुरी हिमनद)
▪️. गंगा नदी को गंगा कहकर कहां से बुलाया जाता है ?
►-देवप्रयाग के बाद । जहां अलकनंदा और भागीरथी आपस में मिलती है । और
हरिद्वार के निकट मैदानी भाग में पहुंचती है ।
▪️. गंगा को पद्मा नाम से कहां पुकारा जाता है ?
►-बांग्लादेश
▪️ सिंधु भारत में किस राज्य से होकर बहती है ?
►-जम्मू-कश्मीर
▪️. भारत और पाकिस्तान के बीच संधि जलसंधि कब हुआ था ?
►-1960 ई. (भारत इस नदी का 20 प्रतिशत पानी ही इस्तेमाल कर सकता है)
▪️. नदियां ➨और उनके उदगम स्थल ➨संगम/मुहाना?
►-सिंधु ➨ सानोख्याबाब हिमनद (तिब्बत के मानसरोवर झील के पास)➨अरब सागर
गंगा ➨ गंगोत्री ➨ बंगाल की खाड़ी
▪️-यमुना ➨ यमुनोत्री हिमानी (बंदरपूंछ के पश्चिमी ढाल पर स्थित) ➨ प्रयाग (इलाहाबाद)
▪️-चंबल ➨ जाना पाव पहाड़ी (मध्यप्रदेश के मऊ के नजदीक) ➨ इटावा (उ.प्र)
▪️-सतलज ➨ राकस ताल (मानसरोवर झील के नजदीक) ➨ चिनाब नदी
▪️-रावी ➨ कांगड़ा जिले में रोहतांग दर्रे के नजदीक ➨ चिनाब नदी
▪️-झेलम ➨ शेषनाग झील {बेरीनाग(कश्मीर) के नजदीक} ➨ चिनाब नदी
▪️-व्यास ➨ व्यास कुंड (रोहतांग दर्रा) ➨ कपूरथला (सतलज नदी)
▪️-कोसी ➨ गोसाईथान चोटी के उत्तर में ➨ गंगा नदी (कारागोला के दक्षिण-पश्चिम में)
▪️-गंडक ➨ नेपाल ➨ गंगा (पटना के नजदीक)
▪️-रामगंगा ➨ नैनीताल के नजदीक हिमालय श्रेणी का दक्षिणी भाग ➨ कन्नौज के निकट गंगा नदी
▪️ शारदा (काली गंगा) ➨ कुमायूं हिमालय ➨ घाघरा नदी (बहराम घाट के निकट)
▪️-घाघरा या करनाली या कौरियाला ➨ नेपाल में तकलाकोट से ➨ गंगा नदी (सारण तथा बलिया जिले की सीमा पर)
▪️-बेतवा या वेत्रवती ➨ विंध्याचल पर्वत (मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के कुमारगांव के निकट) ➨ हमीरपुर (यमुना नदी में)
▪️-सोन ➨ अमरकंटक की पहाड़ियां ➨ पटना के नजदीक गंगा नदी में
▪️-ब्रह्मपुत्र ➨ तिब्बत के मानसरोवर झील से ➨ बंगाल खाड़ी
▪️-नर्मदा ➨ अमरकंटक (विध्याचल श्रेणी) ➨ खंभात की खाड़ी
▪️-ताप्ती ➨ मध्यप्रदेश के बैतुल जिले के मुल्ताई के निकट ➨ खंभात की खाड़ी (सूरत के पास)
▪️-महानदी ➨ सिहावा (छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के निकट) ➨ बंगाल की खाड़ी (कटक के निकट)
▪️-क्षिप्रा ➨ काकरी बरडी नामक पहाड़ी (इंदौर) ➨ चंबल नदी
▪️-माही ➨ मध्यप्रदेश के धार जिला के अमझोरा में मेहद झील ➨ खंभात की खाड़ी
▪️लूनी ➨ अजमेर जिले में स्थित नाग पहाड़ (अरावली पर्वत) ➨ कच्छ की रन
▪️हुगली ➨ यह गंगा की शाखा है, जो धुलिया(पं बंगाल) के दक्षिण गंगा से अलग होती है.. ➨ बंगाल की खाड़ी
▪️-कृष्णा ➨ महाबलेश्वर के निकट पश्चिम पहाड़ ➨ बंगाल की खाड़ी
▪️-गोदावरी ➨ महाराष्ट्र के नासिल जिले त्र्यंबक गांव की एक पहाड़ी ➨ बंगाल की खाड़ी
▪️-कावेरी ➨ ब्रह्मगिरी पहाड़ी (कर्नाटक के कुर्ग जिले में) ➨ बंगाल की खाड़ी
▪️-तुंगभद्रा ➨ गंगामूल चोटी से तुंगा और काडूर से भद्रा (कर्नाटक) ➨ कृष्णा नदी
▪️-साबरमती ➨ जयसमुद्र झील (उदयपुर जिले में अरावली पर्वत पर स्थित) ➨ खंभात की खाड़ी
▪️-सोम ➨ बीछा मेंडा (उदयपुर जिला) ➨ माही नदी (बपेश्वर के निकट)
▪️-पेन्नार ➨ नंदीदुर्ग पहाड़ी (कर्नाटक) ➨ बंगाल की खाड़ी
▪️-पेरियार (यह नदी केरल में बहती है) ➨ परियार झील
▪️-उमियम ➨ उमियम झील (मेघालय)
▪️-बैगाई ➨ कण्डन मणिकन्यूर में मदुरै के निकट (तमिलनाडु) ➨ बंगाल की खाड़ी
▪️-दक्षिणी टोंस ➨ तमसाकुंड जलाशय (कैमर की पहाड़ियों में स्थित) ➨ सिरसा के निकट गंगा में
▪️-आयड़ या बेडच ➨ गोमुंडा पहाड़ी (उदयपुर के उत्तर में) ➨ बनास नदी
✍ नदियों की रोचक जानकारी~भूगोल
▪️. भागीरथी नाम से गंगा को कहां बुलाया जाता है ?
►-गंगोत्री के पास ( यह हिमानी गंगा का उद्गम स्थल है )
▪️. गंगोत्री कहां स्थित है और इसकी ऊंचाई कितनी है ?
►-उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में 3900 किमी की ऊंचाई पर गोमुख के निकट गंगोत्री हिमानी गंगा का उद्गम स्त्रोत है ।
▪️. अलकनंदा का उद्गम स्त्रोत क्या है ?
►-बद्रीनाथ के ऊपर सतोपंथ हिमानी (अलकापुरी हिमनद)
▪️. गंगा नदी को गंगा कहकर कहां से बुलाया जाता है ?
►-देवप्रयाग के बाद । जहां अलकनंदा और भागीरथी आपस में मिलती है । और
हरिद्वार के निकट मैदानी भाग में पहुंचती है ।
▪️. गंगा को पद्मा नाम से कहां पुकारा जाता है ?
►-बांग्लादेश
▪️ सिंधु भारत में किस राज्य से होकर बहती है ?
►-जम्मू-कश्मीर
प्रमुख वैज्ञानिक नाम
➭ गेहूँ 🌾 - टिटिकम एस्टाइवम
➭ चावल - ओराइजा सेटाइवा
➭ मक्का - जीआ मेज
➭ बाजरा - पेनिसिटम टाइफाइडिस
➭ चना - साइसर ऐराइटिनम
➭ अरहर - केजेनस केजन
➭ मटर - पाइसम सेटाइवम
➭ मूँगफली - ऐरेकिस हाइपोजिया
➭ सोयाबीन - ग्लाईसिन मैक्स
➭ कॉफी - काफिया अरेबिका
➭ चाय - कामेलिया साइनेन्सि
🔺 सब्जियाँ
➛ जड़ों से प्राप्त :-
➭ गाजर 🥕 - डाकस करौटा
➭ शलजम - ब्रेसिका रापा
➭ मूली - रेफेनस सेटाइवम
➭ शकरकन्द - आइपोमिया बटाटास
➛ स्तम्भ से प्राप्त :-
➭ आलू - सोलेनम ट्यूबरोसम
➭ अरबी - कोलोकेसिया एस्कुलेंटा
➛ पर्ण से प्राप्त :-
➭ पालक - स्पाइनेसिया ओलेरेसिया
➭ मेथी - टाइगोनेला फोइनमग्रिकम
➭ बथुआ - चिनोपोडियम एल्बम
➛ पुष्पक्रम से प्राप्त :-
➭ फूल गोभी - ब्रैसिका ओलेसरेसिया किस्म बोटाइटिस
➛ फल से प्राप्त :-
➭ टमाटर 🍅 - लाइपर्सिकोन एस्कुलेन्टम
➭ बैंगन 🍆 - सोलेनम मेलोन्जिना
➭ भिण्डी - एबलमास्क्स एस्कुलेंट्स
➭ ग्वारफली - साइमोप्सिस टेटागोलोनोबा
✺ फल :-
➭ आम 🍋 - मैंजीफेरा इण्डिका
➭ केला 🍌 - म्युजा पेराडिसियेका
➭ संतरा - सिटस रेटिकुलेटा
➭ अमरूद - सीडियम गुआजावा
➭ पपीता - केरिका पपाया
➭ सीताफल - एनोना स्क्वेमोसा
➛ स्तम्भ से प्राप्त :-
➭ हल्दी - कुरकुमा लौंगा
➭ अदरक - जिन्जिबर आफिसिनेल
➭ लहसुन - एलियम सेटाइवम
➭ गूगल - कोमिफोरा वाइटाई
➛ मूल से प्राप्त :-
➭ सर्पगन्धा - रावल्फिया सर्पेन्टाइना
➭ सफेद मूसली - क्लोरोफाइटम ट्यूबरोसम
➭ अश्वगंधा - विथानिया सोम्निफेरा
➛ छाल से प्राप्त :-
➭ कुनैन - सिनकोना आफिसिनेलिस
➭ अर्जुन - टर्मिनेलिया अर्जुना
➛ पर्ण से प्राप्त :-
➭ ग्वारपाठा - एलॉय वेरा
➭ ब्राहमी - सेन्टेला एशियाटिक
➭ तुलसी - ओसीमम सेन्कटम
➛ फल से प्राप्त :-
➭ अफीम - पेपेवर सोम्निफेरम
➭ आँवला - एम्बलिका आफिसिनेलिस
✺ अन्य वैज्ञानिक नाम
➭ जूट - कोरकोरस कैप्सूलेरिस
➭ कपास - गोसिपियम जातियाँ
➭ सनई - क्रोटोलेरिया जुन्शिया
➭ नारियल - कोकोस न्यूसिफेरा
➭ सागवान - टैक्टोना ग्रन्डिस
➭ साल - शोरिया रोबस्टा
➭ शीशम - डेल्बर्जिया सिस्सू
➭ रोहिड़ा या मारवाड़ सागवान - टेकामेला अन्डुलेता
➭ खेजड़ी - प्रोसोपिस सिनेरेरिया
➭ देवदार - सीडस देवदारा
➭ लाख कीट - लैसीफेर लैका
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Wednesday, December 1, 2021
बाळ शास्त्री जांभेकर
बाळ गंगाधर जांभेकर
(जन्म १८१२; मृत्यू १८४६) हे मराठी पत्रकारितेचे जनक होते. त्यांनी ‘दर्पण’ नावाचे पहिले मराठी मासिक सुरू केले. इतिहास आणि गणित या विषयांवर त्यांनी अनेक पुस्तके लिहिली. रॉयल एशियाटिक सोसायटी आणि जिओग्राफिकल सोसायटीमध्ये वाचलेले शिलालेख आणि ताम्रपटांशी संबंधित त्यांचे निबंध खूप महत्त्वाचे आहेत. शिलालेखांच्या संदर्भात ते कनकेश्वर येथे गेले असता त्यांना उष्माघात झाला. यामध्ये त्यांचा मृत्यू झाला. खर्या अर्थाने त्यांनी आपल्या कार्यात जीव ओवाळून टाकला होता. ख्रिश्चन धर्माने ग्रहणाशी संबंधित वास्तव स्वतःच्या भाषेत आणि श्रीपती शेषाद्री नावाच्या ब्राह्मणाला सांगणे.हिंदू धर्मात पुनर्परिवर्तन केल्याबद्दल त्यांना बहिष्कृत करण्यात आले. ते महाराष्ट्राचे समाजसुधारक होते
बाळ गंधाधर जांभेकर यांचा जन्म राजापूर जिल्ह्यातील पोंबर्ले गावात झाला. त्यांचे वडील चांगले वैदिक होते. शिक्षकांमध्ये बापू छत्रे आणि बापूशास्त्री शुक्ल यांचा समावेश होता.
दादोबा पांडुरंग यांनी त्यांच्या आत्मचरित्रात त्यांच्या विलक्षण स्मरणशक्तीचा एक प्रसंग नमूद केला आहे.
एकदा त्याने दोन गोरे सैनिक लढताना पाहिले. त्याला न्यायालयात साक्षीदार म्हणून हजर राहावे लागले. त्या वेळी त्यांना इंग्रजी येत नसले तरी त्यांनी त्यांचे भाषण केवळ त्यांच्या स्मरणशक्तीतून उद्धृत केले. प्रा.आरलीबार यांच्याकडून त्यांना गणिताचे ज्ञान मिळाले. s 1820 मध्ये त्यांचे शिक्षण संपल्यानंतर, त्यांची एल्फिन्स्टन महाविद्यालयात गणिताचे शिक्षक म्हणून त्यांच्या गुरूचे सहाय्यक म्हणून नियुक्ती झाली. 1832 मध्ये त्यांनी अक्कलकोटच्या राजपुत्राकडे इंग्रजीचे शिक्षक म्हणून काम केले. त्याच वर्षी भाऊ महाजन यांच्या मदतीने त्यांनी ‘दर्पण’ नावाचे इंग्रजी मराठी साप्ताहिक सुरू केले. यामध्ये ते इंग्रजी विभागात लेखन करायचे. ते अनेक भाषांचे अभ्यासक होते. मराठी आणि संस्कृत व्यतिरिक्त त्यांना लॅटिन, ग्रीक, इंग्रजी, फ्रेंच, पर्शियन, अरबी, हिंदी, बंगाली, गुजराती आणि कन्नड भाषा अवगत होत्या. त्याचे अष्टपैलुत्व पाहून सरकारने ‘जस्टिस ऑफ द पीस’ म्हटले. (1840) या पदावर त्यांची नियुक्ती केली यामुळे ते उच्च न्यायालयात ग्रँड ज्युरी म्हणून काम करायचे. 1842 ते 1844 या काळात त्यांनी प्रशिक्षण महाविद्यालयाचे शैक्षणिक निरीक्षक आणि प्राचार्य म्हणूनही काम केले. 1840 मध्ये त्यांनी ‘डायरेक्टर’ नावाचे मासिकही सुरू केले. यामध्ये ते शास्त्रीय विषयांवर निबंध लिहीत असत.
जगन्नाथ शंकरशेठ
जगन्नाथ शंकरशेठ १० फेब्रुवारी १८०३ - ३१ जुलै १८६५ त्यांना 'नाना शंकरशेठ' म्हणूनही ओळखले जाते आपले पारंपारिक व्यवसाय सोडून मुंबईतील पारशी आणि अफगाण व्यापाऱ्यांसोबत व्यवसाय करून मुंबईतील व्यवसाय वाढवण्याबरोबरच मुंबईच्या विकासात आणि शिक्षणात मोलाचे योगदान दिले. त्यांनी अनेक शाळा स्थापन केल्या. त्यासाठी त्यांनी स्कूल सोसायटी आणि नेटिव्ह स्कूल ऑफ बॉम्बेची स्थापना केली.त्यांनी मुलींसाठी शाळाही उघडल्या. 1856 मध्ये त्यांनी स्थापन केलेल्या बॉम्बे युनिव्हर्सिटीच्या सर्वात जुन्या महाविद्यालयांपैकी एक म्हणजे एल्फिन्स्टन शैक्षणिक संस्थेचे एल्फिन्स्टन महाविद्यालय , ज्यात बाळशास्त्री जांभेकर, दादाभाई नौरोजी , महादेव गोविंद रानडे , रामकृष्ण गोपाल भांडारकर,गोपाळकृष्ण गोखले आणि बाळ गंगाधर टिळक यांचे शिक्षण झाले. दक्षिण मुंबईतील गिरगावात सुरू झालेल्या विद्यार्थी वाचनालयासाठी पैसा दिला. हिंदू समाजाच्या प्रचंड विरोधाला न जुमानता या मुलींच्या शाळेच्या स्थापनेसाठी खूप पैसाही गुंतवला गेला. शिकवण्यासाठी योजना केली होती संस्कृत सोबत इंग्रजी त्याच्या शाळांमध्ये . गिरगावात त्यांनी संस्कृत सेमिनरी आणि संस्कृत ग्रंथालयाची स्थापना केली.२६ ऑगस्ट १८५२ रोजी त्यांनी ‘बॉम्बे असोसिएशन’ या नावाने राजकीय पक्षही स्थापन केला, ज्यामध्ये तत्कालीन मुंबईतील अनेक प्रसिद्ध लोक होते. त्याचे पहिले अध्यक्ष सर जमशेटजी जेजीभाई होते. पुढे दादाभाई नौरोजी आणि इतर तरुणही त्यात सामील झाले.
गिरगावातील नाना चौकाजवळील भवानी-शंकर मंदिर आणि राम मंदिर हेही जगन्नाथ सेठ यांचेच योगदानाने आहे. जगन्नाथ सेठ यांनी जुन्या मुंबईतील अनेक भागात केलेली कामे आजही मुंबईच्या विकासात त्यांच्या महत्त्वपूर्ण योगदानाची साक्ष आहेत. मुंबईच्या अनेक विकासकामांसाठी त्यांनी तत्कालीन ब्रिटिश राजवटीला आर्थिक मदत केली होती.
मार्च 2020 मध्ये महाराष्ट्र सरकारने 'मुंबई सेंट्रल'चे नाव बदलून 'नाना शंकर सेठ टर्मिनस' करण्याच्या प्रस्तावाला हिरवी झेंडी दिली आहे.
Saturday, November 6, 2021
अणुबॉम्ब बद्दल तथ्य
1. अणुबॉम्बच्या सामर्थ्याचा अंदाज तुम्ही यावरून लावू शकता की, जर 15 किलोटनचे 100 अणुबॉम्ब पृथ्वीवर वापरले तर आकाशात काळा धूर येईल, सूर्यप्रकाश पृथ्वीवर नीट पोहोचू शकणार नाही, अर्धा. ओझोनचा थर संपेल आणि असे रोग जन्माला येतील ज्याची आपण कल्पनाही करू शकत नाही.
2. दुसऱ्या महायुद्धात मॅनहॅटन प्रकल्पात काम करणाऱ्या शास्त्रज्ञांनी अणुबॉम्बचा शोध लावला होता. 'रॉबर्ट ओपेनहायमर' हे या प्रकल्पाचे दिग्दर्शक होते, त्यांना 'अणुबॉम्बचे जनक' असेही म्हणतात.
3. पहिली अणुबॉम्ब चाचणी 16 जुलै 1945 रोजी सकाळी 5.30 वाजता अल्मोगार्डो, न्यू मेक्सिको येथे झाली. या बॉम्बला 'द गॅजेट' असे नाव देण्यात आले. यामध्ये 20 किलोटन टीएनटी वापरण्यात आले, ज्यामुळे स्फोट झाला तेव्हा 600 मीटर उंच मशरूमसारखा आकार तयार झाला. म्हणजेच आयफेल टॉवरपेक्षा दुप्पट उंच.
4. अण्वस्त्र वाहून नेण्याचे काम करणाऱ्या क्षेपणास्त्राचा वेग 7 किलोमीटर प्रति सेकंद आहे. म्हणजेच ४०० किमी/मिनिट. म्हणजे दिल्ली ते लाहोर फक्त एका मिनिटात.
5. सध्या जगातील नऊ देशांकडे 14,900 पेक्षा जास्त अण्वस्त्रे आहेत. त्यापैकी ९३% रशिया आणि अमेरिकेकडे आहेत. ते संपूर्ण मानवजातीचा अनेक वेळा नाश करण्यास सक्षम आहे.
6. रशियाकडे इतर कोणत्याही देशापेक्षा 7000 पेक्षा जास्त अणुबॉम्ब आहेत. त्यानंतर अमेरिका (6800), फ्रान्स (300), चीन (260), इंग्लंड (215), पाकिस्तान (120-130), भारत (110-120), इस्रायल (80) आणि उत्तर कोरिया (10 पेक्षा कमी) यांचा क्रमांक लागतो. येतो.
7. न्यू मेक्सिकोमध्ये, जिथे जगातील पहिल्या अणुबॉम्बची चाचणी घेण्यात आली होती, आज त्याच ठिकाणी अणुबॉम्ब संग्रहालय आहे. 'ट्रिनिटी साइट' म्हणून ओळखले जाणारे हे संग्रहालय वर्षातून केवळ 12 तास खुले असते. एकदा एप्रिलच्या पहिल्या शनिवारी आणि एकदा ऑक्टोबरच्या पहिल्या शनिवारी. त्याची उघडण्याची वेळ सकाळी 8 ते दुपारी 2 आहे.
8. 1950 च्या सुमारास अणुबॉम्बची चाचणी करणारे 'लास वेगास' शहरातील पर्यटकांसाठी आकर्षणाचे केंद्र बनले होते. या चाचण्या मुख्य शहरापासून 80 किमी अंतरावर घेण्यात आल्या. अणुबॉम्बचा मशरूमसारखा आकार पाहून शहरात सर्वत्र पार्ट्या साजरी करण्यात आल्या. यामुळे लास वेगास शहराला 'अॅटोमिक सिटी' असेही संबोधण्यात आले.
9. अण्वस्त्रे बनवणारा अमेरिका हा पहिला देश आहे. युद्धासाठी अणुबॉम्बचा वापर करणारा हा एकमेव देश आहे. तो एकटाच त्याच्या अण्वस्त्रांवर सर्व देशांच्या एकत्रित खर्चापेक्षा जास्त खर्च करतो.
10. शीतयुद्धाच्या काळात अमेरिकेने चंद्रावर अणुबॉम्ब टाकण्याचाही विचार केला जेणेकरून ते आपल्या सैन्याचे सामर्थ्य दाखवू शकतील.
अणू बॉम्बचे हिंदीत तथ्य (११ ते १७)
11. 1958 मध्ये जॉर्जियाच्या समुद्रकिनाऱ्यावर अमेरिकेचा अणुबॉम्ब हरवला होता. हे 2016 मध्ये काही पर्यटक गोताखोरांना मिळाले. त्यांनी तात्काळ 911 वर कॉल करून हा 3.9 मेगाटन बॉम्ब निकामी केला.
12. 5,00,00,00,000 किलोग्रॅमच्या अणुबॉम्बमध्ये स्फोटक शक्ती इतकी आहे जेवढी दुसऱ्या महायुद्धात वापरली गेली होती.
13. मोठ्या प्रमाणात अणुयुद्धामुळे वातावरणात 150 दशलक्ष टन धूर पसरेल. त्यामुळे त्याच्या वयापेक्षा थंडी जास्त असेल.
14. सीटी स्कॅन करून, किरणोत्सर्गी किरणोत्सर्गाचा तुमच्या शरीरावर हिरोशिमा स्फोटाच्या वेळी दीड किलोमीटर दूर उभ्या असलेल्या माणसाच्या शरीरावर तसाच परिणाम होतो. सीटी स्कॅन आपल्या शरीरात 1-10 मिलीसिव्हर्सपर्यंत किरणोत्सर्ग प्रसारित करते.
15. पृथ्वीवर असे काही जीव आहेत ज्यांच्यावर अणुबॉम्बचा फारसा परिणाम होणार नाही. या यादीत सर्वात वर झुरळांचा क्रमांक येतो. हिरोशिमामध्ये जिथून बॉम्ब टाकण्यात आला होता तिथून काही अंतरावर झुरळ जिवंत आढळून आल्याचे मानले जाते. कारण झुरळे माणसांपेक्षा कितीतरी पटीने जास्त सहज रेडिएशन सहन करतात. झुरळानंतर एकच गोष्ट जगू शकते ती म्हणजे मुंगी.
16. अणुबॉम्ब टाळण्याचा मार्ग म्हणजे त्यांचा खरा हल्ला शहरांवर होईल, अशा परिस्थितीत बॉम्बचा प्रभाव काही कमी आदिवासी ठिकाणी दिसणार नाही असे मानले जाते. स्वित्झर्लंड, न्यूझीलंड, भूतान, चिली, आइसलँड, आयर्लंड हे देश या यादीत येतात. या देशांमध्ये लोकसंख्या कमी आहे, सर्वात महत्त्वाची गोष्ट म्हणजे हे देश पर्वतांनी भरलेले आहेत, त्यामुळे लोक पर्वतांमध्ये आश्रय घेऊ शकतात. आशा कमी आहेत, तरीही या देशांमध्ये काही जीव वाचू शकतात.
17. भारत 11 मे 1998 रोजी दुपारी 3:45 वाजता अणु देश बनला. जेव्हा पोखरणमध्ये 3 बॉम्बच्या चाचण्या यशस्वी झाल्या. आम्ही तुम्हाला सांगतो की, भारताने कधीही अणुबॉम्ब बनवावेत असे अमेरिकेसारख्या देशांना वाटत नव्हते. मात्र भारताने अण्वस्त्रे बनवून जगाच्या शिखरावर आहे, त्यानंतर अमेरिकेने भारतावर अनेक निर्बंध लादले होते. त्यावर जॉन अब्राहमचा चित्रपटही आहे:
18. अणुबॉम्ब इतका आवाज काढू शकतो की आपल्या कानाचे पडदे फुटतात. आण्विक स्फोटाच्या लाटा सुपरसॉनिक असतात. तुम्ही हल्ल्याच्या जागेच्या अगदी मध्यभागी उभे राहिल्यास, तुम्हाला स्फोट ऐकू येण्यापूर्वीच तुमचा मृत्यू होईल. अणुबॉम्ब 240 ते 280 dB श्रेणीत आवाज निर्माण करू शकतात, तर मानवी कानाला फक्त 120 dB पर्यंत आवाज ऐकू येतो. अणुबॉम्ब पृथ्वीवर सर्वात मोठा आवाज करतात, त्यानंतर ज्वालामुखींची संख्या.
19. होय, अणुबॉम्ब देखील कालबाह्य होतात. मानवनिर्मित जवळजवळ प्रत्येक गोष्टीला कालमर्यादा असते. अणुबॉम्बची कालबाह्यता तारीख त्यात वापरलेल्या पदार्थावर अवलंबून असते. यामध्ये वापरलेली सामग्री अर्धायुष्यानंतर बदलावी लागते, जसे की ट्रिटियमचे अर्धे आयुष्य १२.३ वर्षे, प्लुटोनियमचे २४,१०० वर्षे, युरेनियमचे ४ अब्ज वर्षे आणि थोरियमचे १४ अब्ज वर्षे. वेळोवेळी, कुशल अभियंते त्यांच्याकडे पाहत राहतात आणि ज्यामध्ये अगदी थोडासा दोष देखील आढळतो ती बदलून घेतात.
पाण्याखाली अणुबॉम्बचा स्फोट झाला तर काय होईल?
20. पाण्याच्या पृष्ठभागाखाली होणाऱ्या अणुस्फोटाला "UNDEX" म्हणतात. पाण्याखालील अणुबॉम्बचा प्रभाव स्फोटापासूनचे अंतर, स्फोटाची ऊर्जा, स्फोटाची खोली आणि पाण्याची खोली यासह अनेक घटकांवर अवलंबून असतो. पाण्यात अणुबॉम्बचा स्फोट झाला, तर आजूबाजूचे सर्व किनारी प्राणी मरून जातील आणि पाण्यात भरपूर किरणोत्सारी घटक सापडतील. पाण्याखालील स्फोटामुळे निर्माण होणाऱ्या लाटा त्सुनामी किंवा भूकंपाच्या वेळी निर्माण होणाऱ्या लाटांपेक्षा वेगळ्या असतात.
आईन्स्टाईनचा जन्म झाला नसता, तर आपल्याकडे अण्वस्त्रे होती का?
21. अणुबॉम्बचा शोध कोणी लावला किंवा अणुबॉम्ब कोणी बनवला, याचा उल्लेख आपण दुसऱ्या मुद्द्यात केला आहे, आता अल्बर्ट आइनस्टाइनबद्दल बोलूया. विसाव्या शतकातील सर्वात प्रसिद्ध शास्त्रज्ञ आइन्स्टाईन कधीच जन्माला आला नसता तर आपल्याकडे अण्वस्त्रे नसती, ही केवळ एक मिथक आहे. कारण विकास कधीच थांबत नाही. जर आपण आईन्स्टाईनला इतिहासातून गायब केले तर फारच कमी अण्वस्त्रांवर परिणाम होईल कारण तो अण्वस्त्रांचा मुख्य निर्माता नव्हता. आइन्स्टाईनचे E=mc2 हे समीकरण त्याकाळी जास्त प्रसिद्ध असल्यामुळे आणि बहुतेक लोक या सूत्राला अण्वस्त्रे बनवताना मुख्य मानू लागले म्हणून हा समज निर्माण झाला. त्याने उर्जेबद्दल लिहिले, परंतु त्याच्या निर्मितीचा सिद्धांत दिला नाही, ज्यामुळे हे स्पष्ट होते की त्याचा अण्वस्त्रांच्या निर्मितीशी थेट संबंध नाही.
Thursday, November 4, 2021
भगतसिंग बद्दल तथ्ये
क्रांतीचे दुसरे नाव भगतसिंग. त्यांचा जन्म 1907 मध्ये झाला आणि 1931 मध्ये त्यांना फाशी देण्यात आली. वयाच्या 23 व्या वर्षी भगतसिंग हसत फासावर लटकले होते. हे आपण लहानपणापासून पुस्तकात वाचत आलो आहोत, पण अशा काही गोष्टी आहेत ज्या पुस्तकात सांगितल्या जात नाहीत. पुस्तकांप्रमाणे भगतसिंग यांना शहीद म्हटले आहे, पण भारत सरकार त्यांना शहीद मानत नाही. आज आम्ही शहीद-ए-आझम भगतसिंग यांच्याबद्दल अशा रंजक गोष्टी सांगणार आहोत जे तुम्हाला कदाचित माहित नसतील.
1. लहानपणी भगतसिंग वडिलांसोबत शेतात जायचे तेव्हा त्यांना विचारायचे की आम्ही जमिनीत बंदुका का उगवू शकत नाही?
2. जालियनवाला बाग हत्याकांडाच्या वेळी भगतसिंग फक्त 12 वर्षांचे होते. या घटनेने भगतसिंग यांना कायमचे क्रांतिकारक बनवले.
3. भगतसिंग यांनी त्यांच्या महाविद्यालयीन काळात 'राष्ट्रीय युवा संघटना' स्थापन केली होती.
4. भगतसिंग यांना लग्न करायचे नव्हते. जेव्हा त्याचे आईवडील त्याच्या लग्नाचे नियोजन करत होते तेव्हा तो घर सोडून कानपूरला आला. ते म्हणाले की आता स्वातंत्र्य माझी वधू असेल.
5. भगतसिंग हे त्यांच्या कॉलेजच्या दिवसात एक चांगले अभिनेतेही होते. त्यांनी अनेक नाटकांमध्ये भाग घेतला. भगतसिंग यांनाही कुस्तीची आवड होती.
6. भगतसिंग हे एक चांगले लेखक देखील होते, ते उर्दू आणि पंजाबी भाषेतील अनेक वृत्तपत्रांसाठी नियमितपणे लिहीत असत.
7. भगतसिंगने वेश बदलण्यासाठी केस कापले आणि दाढी साफ केली. इंग्रजांना टाळण्यासाठी हे आवश्यक होते.
8. भगतसिंग आणि त्यांच्या साथीदारांनी सेंट्रल असेंब्लीमध्ये फेकलेले बॉम्ब हे कमी दर्जाच्या स्फोटकांपासून बनवले गेले होते, कारण त्यांना कोणालाही मारायचे नव्हते, तर त्यांचा संदेश द्यायचा होता.
9. हिंदू-मुस्लिम दंगलीमुळे दु:खी झालेल्या भगतसिंग यांनी आपण नास्तिक असल्याचे जाहीर केले.
10. भगतसिंग महात्मा गांधींच्या अहिंसेच्या धोरणांशी सहमत नव्हते. शस्त्र उचलल्याशिवाय स्वातंत्र्य मिळू शकत नाही, असे भगतसिंगांना वाटत होते.
11. भगतसिंग यांना चित्रपट पाहणे आणि रसगुल्ला खाणे खूप आवडायचे. जेव्हाही संधी मिळायची तेव्हा तो राजगुरू आणि यशपाल यांच्यासोबत चित्रपट पाहायला जायचा. मला चार्ली चॅप्लिनचे चित्रपट खूप आवडायचे. यावर चंद्रशेखर आझाद यांना खूप राग यायचा.
12. भगतसिंग यांनी 'इन्कलाब जिंदाबाद'च्या घोषणा दिल्या.
13. देशाचे सरकार भगतसिंग यांना शहीद मानत नाही, तर स्वातंत्र्यासाठी प्राणाची आहुती देणारे भगतसिंग प्रत्येक भारतीयाच्या हृदयात राहतात.
14. भगतसिंग यांचे बूट, घड्याळ आणि शर्ट अजूनही सुरक्षित आहेत.
15. भगतसिंग यांना फाशीची शिक्षा सुनावणारे न्यायाधीश जी.सी. हिल्टन होते.
16. महात्मा गांधींना हवे असते तर ते भगतसिंग यांची फाशी थांबवू शकले असते. पण त्यांनी तसे केले नाही.
17. भगतसिंग आणि त्यांच्या साथीदारांना फाशीची शिक्षा झाली कारण त्यांनी नॅशनल असेंब्लीमध्ये बॉम्ब टाकला होता.
18. आदेशानुसार, भगतसिंग, राजगुरू आणि सुखदेव यांना 24 मार्च 1931 रोजी सकाळी 8 च्या सुमारास फाशी देण्यात येणार होती. परंतु 23 मार्च 1931 रोजी सायंकाळी सात वाजण्याच्या सुमारास तिघांनाही फाशी देण्यात आली आणि मृतदेह नातेवाईकांना न देता व्यास नदीच्या काठावर रात्रभर जाळण्यात आले. भगतसिंग आणि इतर क्रांतिकारकांच्या वाढत्या लोकप्रियतेमुळे आणि 24 मार्च रोजी संभाव्य बंडामुळे इंग्रजांनी भगतसिंग आणि इतरांना 23 मार्च रोजीच फाशी दिली.
19. भगतसिंग यांची चिता एकदा नव्हे तर दोनदा प्रज्वलित झाली.
20. भगतसिंग यांची शेवटची इच्छा होती की त्यांना गोळ्या घालून ठार मारावे. मात्र, त्यांच्या इच्छेकडेही ब्रिटिश सरकारने दुर्लक्ष केले.
Wednesday, November 3, 2021
जाणून घेऊया विज्ञानाशी संबंधित तथ्य
1. डायनासोरचा रंग कोणता होता हे शास्त्रज्ञ आजपर्यंत ठरवू शकले नाहीत.
2. शुक्रावरील एक दिवस पृथ्वीवरील एका वर्षापेक्षा मोठा असतो.
3. तुमच्या माहितीसाठी, आम्ही तुम्हाला सांगतो की -40 डिग्री फॅरेनहाइट -40 डिग्री सेल्सिअस बरोबर आहे.
4. शनि ग्रहाची घनता इतकी कमी आहे की शनीला पाण्याने भरलेल्या एका मोठ्या काचेच्या भांड्यात ठेवल्यास तो त्यात तरंगतो.
5. तापमान कितीही कमी असले तरी गॅसोलीन कधीही गोठत नाही.
6. जेव्हा तुम्ही सरळ डोंगरावर चढता तेव्हा तुमचे गुडघे तुमच्या शरीराच्या तिप्पट वजन उचलतात.
7. जर एकाच आकाशगंगेतील सर्व तारे मीठाचे कण बनले तर ते ऑलिम्पिकचा संपूर्ण जलतरण भरू शकतात.
8. कोणत्याही वस्तूच्या विरुद्ध हालचाल केल्याशिवाय वारा कोणताही आवाज करत नाही.
9. गुरू हा इतका मोठा ग्रह आहे की बाकीचे सर्व ग्रह एकत्र जोडले तर तो एकत्रित ग्रह गुरूपेक्षाही लहान राहील.
10. एखादी व्यक्ती अन्नाशिवाय एक महिना पण पाण्याशिवाय 7 दिवस जगू शकते. शरीरातील पाण्याचे प्रमाण 1 टक्क्यांपेक्षा कमी झाले तर तुम्हाला तहान लागते. जर हे प्रमाण 10 टक्क्यांपेक्षा कमी झाले तर तुमचा मृत्यू होईल.
11. आतापर्यंत फक्त एक कृत्रिम उपग्रह उल्कापिंडाने नष्ट केला आहे. हा उपग्रह युरोपियन स्पेस एजन्सीचा ऑलिम्पिक (1993) होता.
12. तापमान एका दृष्टिकोनातून मोजण्यासाठी सेल्सिअस स्केल फारेनहाइट स्केलपेक्षा अधिक हुशारीने बनवले गेले. पण त्याचा निर्माता अँडरो सेल्सिअस हा एक अद्वितीय शास्त्रज्ञ होता. जेव्हा त्याने प्रथम हे स्केल विकसित केले तेव्हा त्याने चुकून ठेव रेटिंग 100 अंश आणि उकळत्या रेटिंग 0 अंश केले. पण ही चूक सांगण्यासाठी त्याला कोणीही प्रोत्साहन देऊ शकले नाही, म्हणून नंतर शास्त्रज्ञांनी साकेलला दुरुस्त करण्यासाठी त्याच्या मृत्यूची वाट पाहिली.
13. अल्बर्ट आइनस्टाईनच्या मते, रात्रीच्या आकाशात आपल्याला लाखो तारे दिसतात, ते ठिकाण नाही तर दुसरीकडे कुठेतरी दिसते. लाखो प्रकाशवर्षांपूर्वी त्यांनी सोडलेला प्रकाश आपल्याकडे आहे.
14. साधारणपणे वर्गांमध्ये हे शिकवले जाते की प्रकाशाचा वेग 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंद आहे. पण प्रत्यक्षात हा वेग 2,99,792 किमी प्रति सेकंद आहे. ते 1,86,287 मैल प्रति सेकंद इतके आहे.
15. ऑक्टोबर 1992 मध्ये, लंडनच्या आकाराचा बर्फाचा गोळा अंटार्क्टिकापासून तुटला.
16. जर आपल्याला प्रकाशाच्या वेगाने आपल्या जवळच्या आकाशगंगेत जायचे असेल तर आपल्याला 20 वर्षे लागतील.
17. ऑस्मियम हा जगातील सर्वात जड धातू आहे. त्याच्या 2 फूट लांब, रुंद आणि उंच पिंडाचे वजन हत्तीएवढे आहे.
18. जेव्हा पाण्यापासून बर्फ तयार होतो, तेव्हा सुमारे 10% पाणी उडून जाते. त्यामुळे आपल्या फ्रीजमधील ट्रेवर पाणी साठते.
19. जगातील सर्वात महागड्या पदार्थाची किंमत ऐकून तुम्हाला आश्चर्य वाटेल. त्याचे नाव जाणून घेतल्यावर, आपण विचार करू शकणार नाही की प्रत्यक्षात त्याची किंमत इतकी जास्त असेल. तुमच्यापैकी बहुतेक जण त्याला सोने, चांदी किंवा हिरा मानत असतील. तसे असल्यास, आपण चुकीचे आहात. अँटिमेटर ही जगातील सर्वात महागडी सामग्री आहे. अँटिमेटर हा एक प्रकारचा पदार्थ आहे जो पॉझिट्रॉन, अँटी-प्रोटॉन आणि अँटी-न्यूट्रॉन सारख्या प्रतिकणांनी बनलेला असतो. ते प्रति क्वार्क प्रति प्रोटॉन आणि विरोधी न्यूट्रॉन बनलेले आहेत. त्याची किंमत ऐकून तुमचे होश उडातील. 1 ग्रॅम प्रतिपदार्थ विकून जगातील 100 लहान देश विकत घेतले जाऊ शकतात. होय, 1 ग्रॅम प्रतिपदार्थाची किंमत 31 लाख 25 हजार कोटी रुपये आहे. नासाच्या मते, प्रतिपदार्थ हे पृथ्वीवरील सर्वात महागडे पदार्थ आहे. 1 मिलीग्राम प्रतिपदार्थ तयार करण्यासाठी 160 कोटी रुपये लागतात. जिथे ते बनवले जाते, तिथे जगातील सर्वोत्तम सुरक्षा व्यवस्था आहे. इतकेच नाही तर नासा सारख्या संस्थांनाही ते ठेवण्यासाठी भक्कम सुरक्षा कवच असते. काही ठराविक लोकांशिवाय कोणीही प्रतिवादापर्यंत पोहोचू शकत नाही. हे मनोरंजक आहे की अंतराळातील इतर ग्रहांवर जाणाऱ्या विमानांसाठी प्रतिपदार्थाचा वापर इंधन म्हणून केला जाऊ शकतो.
20. न्यूट्रॉन तारे इतके दाट आहेत की ते गोल्फ बॉलच्या आकाराचे आहेत परंतु त्यांचे वस्तुमान 90 अब्ज किलोग्रॅम आहे.
Monday, October 25, 2021
SSC GD के अति महत्वपूर्ण 30 प्रश्नो
प्रश्न 1. इतिहास का पिता किसे कहा जाता है?
उत्तर :- हैरिडोट्स
प्रश्न 2. आग का आविष्कार किस काल में हुआ था?
उत्तर :- पुरापाषाण काल
प्रश्न 3. कृषि एवं पहिए का आविष्कार किस काल में हुआ था?
उत्तर :- नवपाषाण काल
प्रश्न 4. सिंधु घाटी सभ्यता किस प्रकार की सभ्यता थी?
उत्तर :- कांस्य युगीन सभ्यता
प्रश्न 5. सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे मुख्य विशेषता क्या थी?
उत्तर :- नगर नियोजन
प्रश्न 6. सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों का मुख्य व्यवसाय क्या था?
उत्तर :- कृषि
प्रश्न 7. सिंधु घाटी सभ्यता में प्रमुख फसल कौन सी थी?
उत्तर :- गेहूं और जौ
प्रश्न 8. सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि कौन सी थी?
उत्तर :- भाव चित्रात्मक
प्रश्न 9. आदिमानव ने सबसे पहले किसका आविष्कार किया?
उत्तर :- आग जलाना
प्रश्न 10. सबसे पहला पालतू जानवर कौन सा था?
उत्तर :- कुता
प्रश्न 11. हड़प्पा सभ्यता किस नदी के किनारे स्थित थी?
उत्तर :- रावी नदी
प्रश्न 12. हड़प्पा की खुदाई किसके द्वारा की गई?
उत्तर :- 1921 में दयाराम साहनी द्वारा
प्रश्न 13. हड़प्पा सभ्यता को, सिंधु सभ्यता का नाम किसने दिया था?
उत्तर :- जॉन मार्शल
प्रश्न 14. सिंधु सभ्यता के क्षेत्रफल का आकार कैसा था?
उत्तर :- त्रिभुजाकार
प्रश्न 15. सिंधु सभ्यता का प्रमुख बंदरगाह था?
उत्तर :- लोथल
प्रश्न 16. मोहनजोदड़ो किस नदी के तट पर स्थित है?
उत्तर :- सिंधु नदी
प्रश्न 17. मोहनजोदड़ो की खोज किसने की?
उत्तर :- रखलदास बनर्जी ने 1922 में
प्रश्न 18. मोहनजोदड़ो का अर्थ है?
उत्तर :- मृतकों का टीला
प्रश्न 19. मोहनजोदड़ो से प्राप्त प्रमुख स्मारक
उत्तर :- वृहत स्नानागार
प्रश्न 20. मोहनजोदड़ो से प्राप्त बड़ी इमारत
उत्तर :- अन्नागार
प्रश्न 21. कालीबंगा का शाब्दिक अर्थ क्या है?
उत्तर :- काले रंग की चूड़ियां
प्रश्न 22. सिंधु घाटी के लोग किसकी पूजा करते थे?
उत्तर :- मातृदेवी
प्रश्न 23. सिंधु घाटी के लोगों को सबसे पवित्र वृक्ष कौन सा था?
उत्तर :- पीपल
प्रश्न 24. हड़प्पा के लोगों का सबसे प्रिय पशु कौन सा था?
उत्तर :- कूबड़ वाला सांड
प्रश्न 25. हड़प्पा के निवासी का प्रमुख खेल था?
उत्तर :- पासा
प्रश्न 26. वेदों की कुल संख्या है?
उत्तर :- 4 (ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद ,अथर्ववेद)
प्रश्न 27. सबसे प्राचीन वेद है?
उत्तर :- ऋग्वेद
प्रश्न 28. ऋग्वेद में कितने मंडल है?
उत्तर :- 10 मंडल , 1028 सूक्तियां एवं 10580 मंत्र है
प्रश्न 29. गायत्री मंत्र कहां से लिया गया है?
उत्तर :- ऋग्वेद के तीसरे मंडल से
प्रश्न 30. ऋग्वेद में सबसे पवित्र किस नदी को माना जाता है?
उत्तर :- सरस्वती
